बद निगाही का बयान 111

🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴



_*🥀सलिक़ -ए- ज़िन्दगी 🥀*_



                             *✍️ पोस्ट न. 111*
 

                 _*🔥बद निगाही का बयान 🔥*_

_*📚हदीसः- हज़रत अली रदियल्लाहु अन्हु ने रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से अर्ज़ किया या रसूलल्लाह ! बअज़ औक़ात गैर औरत पर अचानक नज़र पड़ जाती है । आका सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने इरशाद फरमायाः ' ऐ अली ! पहली नज़र जो अचानक पड़ जाए , उस पर गिरफ़्त नहीं लेकिन दूसरी नज़र पर गिरफ़्त है ।*_

 _*अजनबी औरत को देखने का जुर्म जब इतना शदीद है तो जो औरत अज़ खुद बेपर्दा होकर अजनबी मर्द के सामने आती है या दूसरों को देखने का मौका देती है वह भी इस जुर्म में बराबर की शरीक होगी , बल्कि उसका जुर्म और शदीद होगा । यह बेपर्दा न होती तो अजनबी मर्द को गुनाह का मौका न मिलता , उसने बेपर्दा होकर खुद भी गुनाह किया और दूसरों को भी गुनाह पर उकसाया ।*_

_*📚सलिक़ा -ए- ज़िन्दगी, सफा 101*_

_*🧮 जारी रहेगा इन्शाअल्लाह.....*_



👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑
*🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴*
https://chat.whatsapp.com/BlTnmJKrHakLQ0Y3Q9Q1KC

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

खाने का बयान 76

जीनत का बयान 104

खाने का बयान 80