तलाक़ की क़िस्में 70

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_*🥀सलिक़ -ए- ज़िन्दगी 🥀*_



                             *✍️ पोस्ट न. 070*
                 
                 *बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम*
*अल्लाह के नाम से शुरू जो बोहत मेहरबान रहमत वाला*

                     _*✨तलाक़ की क़िस्में ✨*_


_*💫 तलाक़ हुक्म व नतीजे के एतिबार से तीन क़िस्म पर है:*_

_*1.रजई, 2.बाइन, 3.मुग़ल्लज़ा।*_

_*1. रजई :- वह तलाक़ है जिससे औरत फ़िलहाल निकाह से नहीं निकलती, हाँ, अगर इद्दत गुज़र जाए और रजअ़्त न करे तो अब निकाह से निकल जाएगी। इसमें शौहर को इद्दत के अन्दर लौटाने का हक़ रहता है।*_ 

_*2. बाइन :- वह तलाक़ है जिससे औरत निकाह से फ़ौरन निकल जाए, इसमें शौहर बीवी की रजामन्दी से दोबारा निकाह कर सकता है, इद्दत के अन्दर हो या इद्दत के बाद।*_

_*3. मुगल्लज़ा :- वह तलाक़ है जिसमें औरत निकाह से फौरन इस तरह से निकल जाती है कि बगैर हलाला शौहर के लिए हलाल नहीं रहती। मुग़ल्लजा तीन तलाक़ों से होता है ख़्वाह एक साथ दी हों या बरसों के फॉस्ले से, अलफ़ाज़े सरीहा(साफ़ लफ़्ज़ों) से दी हों या किनाया (इशारे) से।*_

_*📚सलिक़ा -ए- ज़िन्दगी, सफा 76/77*_          

_*🧮 जारी रहेगा इन्शाअल्लाह.....*_



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