औलाद के कातिल 49
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴
_*🥀सलिक़ -ए- ज़िन्दगी 🥀*_
*✍️ पोस्ट न. 049*
*बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम*
*अल्लाह के नाम से शुरू जो बोहत मेहरबान रहमत वाला*
_*🗡️औलाद के कातिल 🗡️*_
_*इस दौर में हर आदमी अपने आपको तरक्की याफ्ता और मार्डन कहलवाना ज़्यादा पसंद करता है और अपने इसी जुअ़मे फ़ासिद में ऐसी हरकतें कर बैठता है जो आज से तकरीबन साढे चौदह सो(१४५०) साल पहले अरब के दरिन्दा सिफ़त इंसान किया करते थे बल्कि ये तो कुछ मआमलों में इनसे भी गये गुज़रे नज़र आते हैं। अरब में अगर किसी के घर लड़की पैदा होती तो लड़कियों का पैदा होना बाइसे नंग व आर और कबीह तसव्वुर करते थे और अपनी गैरियत व हैमिय्यत की के ख़ातिर उसे ज़िन्दा दरगोर कर देते थे और अगर किसी घर लड़का पैदा होता तो लाडो प्यार से उसकी परवरिश करते थे। बस वही काम इस दौर में कुछ पढ़े लिखे मार्डन कहलाने वाले जाहिल कर रहे हैं लेकिन तरीका थोड़ा बदला हुआ है।*_
_*💫होता यह है कि तिब्बी जाँच(डॉक्टरी चेकअप) के ज़रिये मालूम कर लेते हैं कि औरत के पेट में लड़का है या लड़की? अगर लड़की मालूम होती है तो उसे ख़त्म कर देते हैं यानी हम्ल गिरा देते हैं और अगर मालूम हुआ कि लड़का है तो उसकी निगाहदाश्त रखते हैं ताकि पैदाईश के बाद अच्छी तरह उसकी परवरिश कर सकें।*_
_*📚सलिक़ा -ए- ज़िन्दगी, सफा 64 /65*_
_*🧮 जारी रहेगा इन्शाअल्लाह.....*_
👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑
*🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴*
https://chat.whatsapp.com/BlTnmJKrHakLQ0Y3Q9Q1KC
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें