अपनी बीवी को देखने और छूने का बयान 43
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴
_*🥀सलिक़ -ए- ज़िन्दगी 🥀*_
*✍️ पोस्ट न. 043*
*बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम*
*अल्लाह के नाम से शुरू जो बोहत मेहरबान रहमत वाला*
_*अपनी बीवी को देखने और छूने का बयान*_
_*✨मर्द व औरत का एक दूसरे की शर्मगाह को छूना जाइज़ बल्कि बनियते सालिहा मोजिबे अजरो सवाब है।*
_*अपनी औरत से बोसो किनार करना मुस्तहब व मस्नून है बाल्कि अच्छी नियत से हो तो बाइसे अजरो सवाब है। इसी तरह मर्द का औरत के पिस्तान का मुंह में लेकर चूसना जाइज़ है, अगर दूध वाली हो और अगर दूध वाली औरत है तो न चूसना बेहतर है कि इसमें , के हलक तक पहुंचने का अन्देशा है।*_
_*औरत के मकामे मनसूस की तरफ़ नज़र न करे कि इससे निस्यान (भूल का मर्ज़) पैदा होता है और निगाह भी कमज़ोर होती है।*_
_*शौहर का बीवी से और बीवी का शौहर से कोई पर्दा नहीं, मर्द अपनी बीवी का सर से लेकर पैर तक सारा बदन देख और छू सकता है। इसी तरह औरत का मर्द के हर हिस्स-ए-बदन को देखना और छूना जाइज़ है, ख्वाह शहवत के साथ हो या बगैर शहवत।*_
_*📚सलिक़ा -ए- ज़िन्दगी, सफा 57/58*_
_*🧮 जारी रहेगा इन्शाअल्लाह.....*_
👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑
*🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴*
https://chat.whatsapp.com/BlTnmJKrHakLQ0Y3Q9Q1KC
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें