शौहर के हुकूक 14
🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴🏁🔴
_*🥀सलिक़ -ए- ज़िन्दगी 🥀*_
*✍️ पोस्ट न. 014*
_*बिस्मिल्लाहिर्रहमानिर्रहीम*_
_*अल्लाह के नाम से शुरू जो बोहत मेहरबान रहमत वाला*_
_*💗शौहर के हुकूक 💗*_
_*📚हदीसः - हज़रत इब्ने उमर रदियल्लाहु अन्हुमा से मरवी के रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमायाः " शौहर का हक़ औरत पर यह है कि अपने नफ़्स को उससे रोके और सिवाय फ़र्ज़ के किसी दिन उसकी इजाज़त के बगैर रोज़ा न रखे । अगर ऐसा किया यानी बगैर इजाज़त रोज़ा रख लिया तो गुनाहगार होगी और उसकी इजाज़त के बगैर औरत का कोई अमल मक़बूल नहीं । अगर औरत ने कर लिया तो शौहर को सवाब है और औरत पर गुनाह । जो औरत अपने घर से बाहर जाय और उसके शौहर को नागवार हो , जब तक पलट कर आये आसमान में हर फ़रिश्ता उस पर लानत करे और इन्सानो जिन के सिवा जिस - जिस चीज़ पर गुज़रे सब उस पर लानत करें ।*_
_*📚( फ़तावा रज़विया जिल्द 9 , पेज 197 बहारे शरीअत हिस्सा 7 , पेज 91 )*_
_*📚हदीस : - एक शख्स ने हुजूर सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम से पूछा कि " बेहतरीन औरत की क्या पहचान है ? ' 'आपने इरशाद फ़रमायाः " जो औरत अपने शौहर को खुश कर दे जब उसकी तरफ़ देखे और उसकी इताअत व फ़रमां बरदारी करे जब कोई हुक्म दे ।*_
_*📚( निसाई जिल्द 2 ; पेज 60 )*_
_*✨इन हदीसों से सबक़ मिलता है कि शौहर का बहुत बड़ा हक़ है और हर औरत पर अपने शौहर का हक़ अदा करना ज़रूरी है । जिनके अदा न करने पर मर्द औरत का खर्चा बन्द कर सकता है । शौहर के हुकूक बहुत ज़्यादा हैं , कुछ नीचे लिखे जाते हैं :*_
_*💫( 1 ) औरत पर शौहर का हक़ यह है कि उसके बिछौने को न छोड़े और ऐसे शख्स को मकान में न आने दे जिसका आना शौहर को पसन्द न हो ।*_
_*💫( 2 ) शौहर की इजाज़त के बगैर घर से बाहर न जाय ।*_
_*💫( 3 ) अपने शौहर की इताअत गुज़ार और वफ़ादार हो ।*_
_*💫( 4 ) सलीका शिआर हो कि शौहर के मालो दौलत की हिफ़ाज़त करे ।*_
_*💫( 5 ) इफ़्फत मआब हो कि अपनी और अपने शौहर की इज़्ज़तो नामूस पर आंच न आने दे ।*_
_*💫( 6 ) औरत हरगिज़ - हरगिज़ कोई ऐसा काम न करे जो शौहर को नापसन्द हो ।*_
_*💫( 7 ) औरत को लाज़िम है कि मकान , सामान और अपने बदन और कपड़ों की सफ़ाई सुथराई का ख़ास तौर से ख्याल रखे । फूहड़ , मैली , कुचैली न रहे बल्कि बनाव सिंगार से रहा करे ताकि शौहर उसको देख कर खुश हो जाय ।*_
_*💫( 8 ) शौहर को कभी जली कटी बातें न सुनाये , न कभी उसके सामने गुस्से में चिल्ला - चिल्ला कर बोले , न उसकी बातों का कड़वा तीखा जवाब दे , न कभी उसको तअना दें , न उसकी लाई हुई चीज़ों में ऐब निकाले , न शौहर के मकानो सामान वगैरह को हक़ीर बताये ।*_
_*📚सलिक़ा -ए- ज़िन्दगी, सफा 30/31*_
_*🧮 जारी रहेगा इन्शाअल्लाह.....*_
👑👑👑👑👑👑👑👑👑👑
*🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴*
https://chat.whatsapp.com/BlTnmJKrHakLQ0Y3Q9Q1KC
टिप्पणियाँ
एक टिप्पणी भेजें