किन औरतों से निकाह करना मना ह ै10
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_*🥀सलिक़ -ए- ज़िन्दगी 🥀*_
*✍️ पोस्ट न. 010*
_*✨किन औरतों से निकाह करना मना है ?✨*_
_*📍नोटः - बच्चे के दूध पीने का ज़माना दो साल तक है जो ख़्वाह अपनी माँ का पिये या दाई का । दो साल के बाद दूध का पिलाना हराम है लेकिन निकाह हराम होने के लिए ढाई साल का ज़माना है यानी अगर कोई अजनबिया औरत किसी पराये बच्चे को ढाई साल के अन्दर दूध पिलायेगी तो हुरमते रज़ाअत साबित हो जायेगी और अगर इसके बाद पिलायेगी तो हुरमते निकाह साबित नहीं होगी , अगरचे पिलाना हराम है ।*_
*📚 बहारे शरीअत हिस्सा 7 , पेज 29*
_*📖मसअलाः - ज़ौजा - ए - मौतू की लड़कियाँ , जीजा की माँ , दादीयां , नानियां , बाप , दादा वगैरह उसूल की बेटियां , बेटे , पोते वगैरहहुमा फुरूअ की बीबियां , इनसे निकाह हराम है ।*_
*📚 आम्म - ए - कुतुब*
_*📖मसअलाः - जिस औरत से ज़िना किया उसकी माँ और लड़कियां उस पर हराम हैं । यूंही वह ज़ानिया औरत उस शख्स के बाप दादा और बेटों पर हराम है । उनसे निकाह नहीं हो सकता । यूंही मर्दो औरत में से किसी ने एक दूसरे को शहवत के साथ छुआ तो उससे हुरमते मुसाहरत साबित हो जायगी यानी औरत की माँ और लड़कियाँ मर्द पर और मर्द के बाप दादा औरत पर हराम हो जायेंगे ।*_
*📚 हिदाया जिल्द 2 , पेज 289 बहारे शरीअत हिस्सा 7 , पेज 28*
_*📖मसअलाः - जिस औरत को ज़िना का हम्ल ( गर्भ ) है तो जानी व गैर जानी , दोनों से बे वज्ए हम्ल ( गर्भपात कराये बगैर ) निकाह दुरूस्त है कि ज़िना के पानी की शरीअत में अस्लन कोई हुरमतो इज्जत नहीं , मगर फर्क इतना है कि अगर खुद ज़ानी ही ने निकाह कर लिया तो उससे वती भी जाइज़ है और अगर दूसरे ने निकाह किया तो जब तक वज़ए हम्ल न हो जाये हाथ नहीं लगा सकता ।*_
*📚 फतावा रज़विया जिल्द 5 , पेज 225*
_*हदीसः - रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमायाः " कोई शख्स भतीजी और उसकी फूफी को , भान्जी और उसकी ख़ाला को निकाह में जमा न करे ।*_
_*हदीस : " हुजूर सल्लल्लाह अलैहि वसल्लम ने भतीजी और फूफी भांजी और खाला को निकाह में जमा करने से मना फरमाया ।*_
*📚 मुस्लिम शरीफ़ जिल्द 1 , पेज 452*
_*✨औरत की बहन चाहे सगी हो या रज़ाई , बीवी की खाला चाहे सगी हो या रज़ाई , इन सब से बीवी की मौजूद में निकाह हराम हैं । यूही अगर बीवी को तलाक दे दी हो तो जबतक उसकी इददत खत्म न हो जाये उसकी बहन , फूफी , ख़ाला वगैरह से निकाह बातिल है ।*_
_*📖मसअलाः - चार औरतों के निकाह में होते हुए पांचवीं से निकाल बातिल है ।*_
*📚 आम्म - ए - कुतुब*
_*📖मसअलाः - हिजड़ा जिसमें मर्द व औरत दोनों की अलामतें ( निशानियां ) पाई जायें और यह साबित न हो कि मर्द है या औरत , उससे न मर्द का निकाह हो सकता है , न औरत का । अगर किया गया तो निकाह बातिल होगा ।*_
_*📖मसअला : - मर्द का परी से या औरत का जिन से निकाह नहीं हो सकता ।*_
*📚 बहारे शरीअत हिस्सा7 , पेज 5*
*📚 सलिक़ा -ए- ज़िन्दगी, सफा 22/23*
_*🧮 जारी रहेगा इन्शाअल्लाह.....*_
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*🏁 MASLAKE AALA HAZRAT 🔴*
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