किन औरतों से निकाह करना बेहतर है ? 06
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_*🥀सलिक़ -ए- ज़िन्दगी 🥀*_
*✍️ पोस्ट न. 006*
_*✨किन औरतों से निकाह करना बेहतर है ?✨*_
_*हदीस : - हज़रत अबु हुरैरह रदियल्लाहु अन्हु से मरवी है कि रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फ़रमायाः " चार वज्हों से औरतों से निकाह किया जाता है :*_
_*💫( 1 ) मालदारी ।*_
_*💫( 2 ) शराफ़ते खानदान ।*_
_*💫( 3 ) खूबसूरती ।*_
_*💫( 4 ) दीनदारी | लेकिन तुम दीनदार औरत को इख्तियार करो यानी आमतौर पर लोग औरत के मालो जमाल और ख़ानदान पर नज़र रखते हैं । इन ही चीज़ों को देखकर शादी करते हैं मगर तुम दीनदारी औरत की तमाम चीज़ो से पहले देखो ।*_
_*✨इस हदीस से मालूम हुआ कि दीनदार औरत से शादी करना बेहतर है । दीनदार औरत शौहर की फ़रमांबरदार और खिदमतगार होती है । थोड़ी रोज़ी पर कनाअत कर लेती है । शौहर की ऐब जोई नहीं करती है । इसके बरखिलाफ दीन से दूर औरतें नाशुक्रगुज़ार , नाफरमान और शौहर की दूसरों के सामने बुराई बयान करने वाली होती हैं ।*_
_*✨इमाम गज़ाली फरमाते है : " औरत की तलब दीन के लिए ही करनी चाहिए , जमाल लिए के नहीं । इसका मतलब यह है कि सिर्फ खूबसूरती के लिए निकाह न करे न यह कि खूबसूरती ढूंडे ही नहीं । अगर निकाह करने से सिर्फ औलाद हासिल करना और सुन्नते नबवी पर अमल करना ही किसी शख्स का मकसद है , खूबसूरती नहीं चाहता तो यह परहेज़गारी है ।*_
*📚 कीमिया ए सआदत पेज 260*
_*🔥फ़ासिक आदमी मुत्तकी की लड़की का कुफू नहीं अगरचे वर लड़की खुद मुत्तकिया न हो । लिहाज़ा सुन्नी औरत का कुफू वह बद मज़हब नहीं हो सकता जिसकी बद मज़हबी अगरचे हदे कुफ्र तक न पहुँची हो और बद मज़हब ऐसे हों कि उनकी बद मज़हबी हद्दे कुफ्र तक पहुंच चुकी हो तो उनसे निकाह नहीं हो सकता कि वे मुसलमान ही नहीं , कुफू होना तो बड़ी बात है । जैसे आजकल के देवबन्दी , वहाबी , राफ़ज़ी वगैरह ।*_
*📚 बहारे शरीअत हिस्सा7 , पेज 46*
_*✨सुन्नी मर्द या औरत का राफ़ज़ी , वहाबी , देवबन्दी , कादयानी , नेचरी , चकड़ालवी वगैरह जितने मुरतदीन हैं , उनके मर्द औरत में से किसी से निकाह नहीं होगा । अगर निकाह किया तो निकाह बातिल होगा , उनसे हमबिस्तरी खालिस ज़िना होगा और औलाद वलज्जिना होगी ।*_
*📚 अलमलफूज हिस्सा 2 , पेज 107*
_*📚हदीसः - रसूलुल्लाह सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम ने फरमायाः " जब तुम्हारे पास किसी दीनदार बाअखलाक लड़के का रिश्ता आये तो तुम उस रिश्ते को कबूल कर लो वरना ज़मीन में फितने और बड़े - बड़े फ़साद ज़ाहिर होंगे यानी अगर ऐसे आदमी से निकाह न करोगे बल्कि मालदार जगह तलाश करोगे तो ऐसी सूरत में बहुत सी लड़कियाँ और बहुत से लड़के बिला शादी के रह जायेंगे जिसके बाइस दुनिया में ज़िना की कसरत हो जायेगी ।*_
*📚 तिर्मिज़ी शरीफ़ जिल्द1 , पेज 126*
*📚 सलिक़ा -ए- ज़िन्दगी, सफा 17/18/19*
_*🧮 जारी रहेगा इन्शाअल्लाह.....*_
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